नेटवर्क मार्केटिंग फॉलो अप मैसेज: 12 टेम्पलेट जो दबाव नहीं डालते

किसी ने जानकारी माँगी, आपने भेज दी, और फिर चुप्पी। ज़्यादातर बात यहीं अटकती है, मना करने की वजह से नहीं, बल्कि फॉलो अप के सही शब्द न मिलने से। इस पेज पर 12 मैसेज हैं: पहला हेलो, जानकारी भेजते समय, देखी या नहीं पूछना, जवाब न मिलने पर, ऑर्डर के बाद और दोबारा ऑर्डर की याद। हर मैसेज छोटा है, एक ही बात पूछता है, और कमाई का कोई वादा नहीं करता। जहाँ सामने वाले के लिए रूप बदलता है, वहाँ महिला और पुरुष रूप लिखे हैं, textcuts कीबोर्ड में एक टैप से चुनिए। चाहें तो हर मैसेज कॉपी करें, या सबको अपने कीबोर्ड में जोड़ लें।

{{ऐसे}} दोहरे ब्रैकेट में लिखे शब्द वैरिएबल हैं। textcuts कीबोर्ड में इन्हें एक टैप से भरा जाता है, और हाल में इस्तेमाल हुए नाम वापस आ जाते हैं।

पहला संपर्क और जानकारी

पहला हेलो

ज़रूरी
नमस्ते {{नाम}} जी, आप {कैसी|कैसे} हैं? मैंने हाल ही में एक नया काम शुरू किया है, और मुझे लगा आपको पसंद आ सकता है। कहें तो दो मिनट में बता दूँ?

कब भेजें: किसी जान पहचान वाले को पहली बार लिखते समय।

यह क्यों काम करता है: यह एक ही सवाल पूछता है और 'ना' कहना आसान रखता है।

जानकारी भेजते समय

ज़रूरी
आपने पूछा था, इसलिए जानकारी नीचे भेज दी है। देखकर बता दीजिए, और कोई सवाल हो तो यहीं पूछ लीजिए, {{नाम}} जी।

कब भेजें: जिस पल कोई जानकारी माँगे।

यह क्यों काम करता है: देर से मिली जानकारी पर दिलचस्पी ठंडी पड़ जाती है, इसलिए तुरंत भेजिए।

देखी या नहीं

ज़रूरी
{{नाम}} जी, कल जो जानकारी भेजी थी, क्या आप उसे {देख पाईं|देख पाए}? कोई सवाल हो तो बेझिझक पूछिए।

कब भेजें: जानकारी भेजने के अगले दिन।

यह क्यों काम करता है: सीधा 'लेंगे या नहीं' पूछने से बेहतर है पहले यह पूछना कि देखा या नहीं।

दो दिन बाद, हल्का सा

आज आपकी याद आई, {{नाम}} जी। जानकारी के बारे में क्या सोचा आपने? पसंद न आई हो तो भी बता दीजिए, कोई बात नहीं।

कब भेजें: जानकारी भेजने के दो या तीन दिन बाद।

यह क्यों काम करता है: 'पसंद न आई हो तो भी' कहने से सामने वाला दबाव महसूस नहीं करता।

जवाब न मिले तो

व्यस्त लगें तो

ज़रूरी
नमस्ते {{नाम}} जी, लगता है इन दिनों आप काफ़ी व्यस्त हैं। जब समय मिले, बस एक लाइन लिख दीजिए कि आगे बात करनी है या नहीं।

कब भेजें: एक हफ़्ते की चुप्पी के बाद।

यह क्यों काम करता है: इससे जवाब देना आसान हो जाता है, और 'नहीं' भी एक जवाब माना जाता है।

बात यहीं रोकना

{{नाम}} जी, लगता है अभी सही समय नहीं है, इसलिए यह बात यहीं रोक रहे हैं। आगे कभी मन बने तो एक मैसेज कर दीजिए, हम यहीं हैं।

कब भेजें: दो फॉलो अप के बाद भी जवाब न आए तो।

यह क्यों काम करता है: आख़िरी मैसेज जो दरवाज़ा खुला छोड़ता है। इसके बाद बार बार लिखना रिश्ते को नुकसान पहुँचाता है।

काम के बारे में साफ़ बात

नमस्ते {{नाम}} जी, एक बात साफ़ बता दें: इस काम में कमाई की कोई गारंटी नहीं होती, यह मेहनत और समय पर चलता है। पूरी जानकारी देखकर फ़ैसला आपका रहेगा।

कब भेजें: जब कोई काम से जुड़ने के बारे में गंभीरता से पूछे।

यह क्यों काम करता है: साफ़ और ईमानदार बात भरोसा बनाती है, और आपकी कंपनी के नियमों के भी करीब रहती है।

ऑर्डर के बाद

ऑर्डर मिलने पर

ज़रूरी
आपका {{प्रोडक्ट}} का ऑर्डर मिल गया है, बहुत शुक्रिया! पैक होते ही ट्रैकिंग की जानकारी यहीं भेज दी जाएगी।

कब भेजें: ऑर्डर आते ही।

यह क्यों काम करता है: पहला भरोसा तब बनता है जब कस्टमर को पता हो कि ऑर्डर पहुँच गया।

इस्तेमाल के बाद

कैसा चल रहा है आपका {{प्रोडक्ट}}? एक हफ़्ता हो गया, इसलिए पूछ लिया। कुछ भी पूछना हो तो बताइए।

कब भेजें: डिलीवरी के एक हफ़्ते बाद।

यह क्यों काम करता है: यह बिक्री की बात नहीं करता, सिर्फ़ हाल पूछता है, इसलिए जवाब आसानी से मिलता है।

दोबारा ऑर्डर की याद

ज़रूरी
नमस्ते {{नाम}} जी, पिछला सामान अब ख़त्म होने के आसपास होगा। कहें तो नया ऑर्डर आज ही लगवा दें?

कब भेजें: पिछले ऑर्डर के बाद जब सामान ख़त्म होने का समय आए।

यह क्यों काम करता है: सही समय पर आई याद काम की लगती है, चाहे वह कितनी भी सीधी हो।

किसी जानने वाले को बताना

{{नाम}} जी, आपको यह पसंद आया हो तो किसी जानने वाले को भी बता {सकती हैं|सकते हैं}। न बताना चाहें तो भी कोई बात नहीं।

कब भेजें: जब कस्टमर ख़ुद कहे कि चीज़ अच्छी लगी।

यह क्यों काम करता है: सिफ़ारिश माँगी नहीं जाती, उसके लिए बस रास्ता खोला जाता है।

टीम से जोड़ना

ऑनलाइन मीटिंग का न्योता

हम हर शनिवार शाम को ऑनलाइन मिलते हैं और काम की बातें करते हैं। आप जुड़ना चाहें तो लिंक यह रहा: {{लिंक}}। आना ज़रूरी नहीं है।

कब भेजें: जब कोई काम के बारे में जानना चाहे।

यह क्यों काम करता है: बिना शर्त का न्योता, जिसमें 'आना ज़रूरी नहीं' साफ़ लिखा है।

हर मैसेज कब भेजें

कबमैसेजध्यान रखें
जानकारी भेजते हीजानकारी भेजते समयसबसे पहले जानकारी, फिर सवाल।
अगले दिनदेखी या नहींसिर्फ़ यह पूछिए कि देखी या नहीं।
एक हफ़्ते की चुप्पी के बादव्यस्त लगें तोइसके बाद सिर्फ़ एक और मैसेज।
डिलीवरी के एक हफ़्ते बादइस्तेमाल के बादहाल पूछिए, कुछ बेचिए नहीं।

यह न कहें

  • "इसमें हर महीने इतनी कमाई पक्की है।" कमाई का कोई भी वादा, चाहे आपका अपना अनुभव ही क्यों न हो।

    इसकी जगह: बताइए कि क्या करना होता है और कितना समय लगता है। नतीजा हर किसी का अलग रहता है।

  • "आज ही जुड़ जाइए, कल मौक़ा नहीं रहेगा।" झूठी जल्दी।

    इसकी जगह: आराम से सोचने का समय दीजिए और बताइए कि अगला क़दम क्या है।

WhatsApp, Instagram, Telegram, SMS, ईमेल और हर दूसरे ऐप में चलता है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

फॉलो अप कितनी बार करें?

जानकारी भेजने के बाद तीन मैसेज काफ़ी हैं: अगले दिन, दो तीन दिन बाद और एक हफ़्ते बाद। उसके बाद एक आख़िरी मैसेज (टेम्पलेट 6) और फिर रुक जाइए।

जवाब न आए तो क्या लिखें?

टेम्पलेट 5 में जवाब देना आसान किया गया है, और टेम्पलेट 6 बात को इज़्ज़त से बंद करता है।

क्या ये मैसेज किसी कंपनी के नियमों के हिसाब से हैं?

इनमें कोई कंपनी या कमाई का वादा नहीं है। भेजने से पहले अपनी कंपनी के नियम ज़रूर देख लीजिए, क्योंकि textcuts मैसेज के नियम नहीं जाँचता।

क्या textcuts मैसेज अपने आप भेजता है?

नहीं। textcuts मैसेज को टेक्स्ट बॉक्स में डालता है, भेजना आपके हाथ में रहता है। वह एक साथ बहुत लोगों को नहीं भेजता।